Vastu Shastra


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जीवन और परिवार में खुशियों का संबंध कहीं न कहीं वास्‍तुशास्‍त्र पर भी निर्भर करता है। यदि घर का नक्‍शा वास्‍तुशास्‍त्र के नियमों के आधार पर न बना हो तो घर में रहने वाले लोगों को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। परिवार में कोई सदस्‍य किसी बीमारी का शिकार हो सकता है या उसे मानसिक आघात हो सकता है अथवा वह आर्थिक रूप से कमजोर बन सकता है। इसलिए बेहद जरूरी है कि है हम अपने घर का निर्माण करवाते समय वास्‍तुशास्‍त्र के नियमों का पालन करें।
घर का मुख्‍य द्वार बेहद खास होता है क्‍योंकि यहीं से आपके घर में सकारात्‍मक और नकारात्‍मक ऊजाएं प्रवेश करती हैं। यदि आपके घर में कोई हमेशा बीमार रहता है या कोई परेशानी चल रही है तो हो सकता है कि आपके मेन गेट के वास्‍तु में कोई दिक्‍कत हो। तो आज हम आपकी इस समस्‍या को दूर करने के लिए बताते हैं मुख्‍य द्वार की कमियों को दूर करने के उपाय -:

यदि घर के सामने पेड़ या खंभा है तो यह एक अशुभ संकेत है। इसके दुष्‍प्रभावों को रोकने के लिए घर के मुख्‍य द्वार पर रोज स्‍वास्‍तिक बनाएं। घर के मुख्‍य द्वार के आगे गड्ढा हो तो परिवार के सदस्‍यों को मानसिक पीड़ा भुगतनी पड़ती है। इसके प्रभाव से बचने के लिए उस गड्ढे को भर दें।
मुख्‍य द्वार के आगे कीचड़ या गंदगी का होना परिवार में किसी सदस्‍य को किसी रोग से ग्रस्‍त होने का संकेतक है। अत: घर के सामने किसी भी प्रकार की गंदगी को न पनपने दें।
वैसे तो पूजा स्‍थल को काफी पवित्र माना गया है लेकिन घर के सामने किसी धार्मिक स्‍थल का होना अशुभ माना जाता है। वास्‍तु के अनुसार ऐसे घर में देवी-देवता वास नही करते एवं वहां दुख और परेशानी बनी रहती है।
कई बार हम सजावाट के लिए घर के बाहर या मुख्य द्वार पर किसी तरह की बेल-पौधे लगा लेते हैं, जोकि वास्‍तु के अनुसार ठीक नहीं है।
मुख्य द्वार पर क्रिस्टल बॉल लटकाएं। इसके अलावा आप मेन गेट पर लाल रंग का फीता बांधने से भी घर में नकारात्‍मक ऊर्जा प्रवेश नहीं कर पाती।