मनुष्य जन्म का उद्देश्य क्या है?
मनुष्य जन्म बड़ी मुश्किल से मिला है… ये जो गलियों में आवारा जानवर घूम रहे हैं… इन्हें भी कभी मनुष्य जन्म मिला था।
इनमें से कोई डॉक्टर था,कोई इंजीनियर, कोई IAS- IPS और कोई ……. इनके गुरु भी इन्हें भगवान का भजन, जप, कीर्तन करने को कहते थे। तब यह हँस कर जवाब देते थे कि हमारे पास टाइम (समय) नहीं है और वो मनुष्य जन्म हार गए। राधा रानी का भजन-जप नहीं किये,,,पशु योनि में आ गए,,अब देखो टाइम ही टाइम है….
बेचारे गली -गली आवारा घूमते हैं,, कोई दुत्कारता है,,कोई फटकारता है। कर्म बहुत रूला डालते हैं। किसी को नहीं छोड़ते,,, अब नहीं समझेंगे तो कब समझेंगे। 24 घंटे मे कम से कम एक राधा नाम का जप,कीर्तन,भजन अवश्य करें।
भगवान का नाम ही बुरे कर्मो के फल को नष्ट करता हैं।”श्री राधा नाम भी हरी नाम है – हरी नाम मे ही आता है” : वो मूर्ख ही है जो हरी नाम मे भी भेदभाव करते है कहते है राधा नाम लेने के हम लायक नही l
लायक कौन है ये किशोरी जु तय करेंगे क्योंकि किशोरी जु का नाम अनंत है l हमारे शास्त्र भी कहते है- “हरी अनंत हरी नाम अनंत – हरी अनंत हरी कथा अनंत” : हरी का कोई भी नाम मानव को तार सकता है।
हमारी किशोरी जी का नाम अनमोल है l “कलयुग केवल नाम आधारा – जपत जपत नर उतरे पारा”। अन्य कोई उपाय नही है l
कर्म बहुत ज्यादा हैं और समय कम इसलिए l
:- विचार कर चिंतन करें और किशोरी जु का भजन, जप, कीर्तन आज से ही जरूर शुरू करें।
हिंदू धर्म के अनुसार, मनुष्य का जन्म सिर्फ सांसारिक सुख भोगने के लिए नहीं, बल्कि मोक्ष प्राप्त करने के लिए हुआ है। चार पुरुषार्थ – धर्म, अर्थ, काम, और मोक्ष – जीवन के प्रमुख उद्देश्य माने जाते हैं।
मनुष्य जन्म का वास्तविक उद्देश्य आत्मा की उन्नति, सत्य की खोज, सेवा, प्रेम और ज्ञान का विस्तार करना है। यह हर व्यक्ति के व्यक्तिगत विश्वास, मूल्यों और कर्मों पर निर्भर करता है। जीवन को सार्थक बनाने के लिए आत्मबोध और दूसरों की भलाई में योगदान देना आवश्यक है।