जन्म और मृत्यु का चक्र

जन्म और मृत्यु का चक्र भारतीय दर्शन और सनातन धर्म (जैसे भगवद्गीता और गरुड़ पुराण) के अनुसार, आत्मा अजर-अमर, शाश्वत और अविनाशी है, जबकि शरीर क्षणभंगुर और नाशवान है। आत्मा एक शुद्ध ऊर्जा और चेतना है जो केवल कर्मों के आधार पर शरीर बदलती है। कर्मों का सिद्धांत तीन प्रकार के कर्म:संचित कर्म: हमारे पिछले […]
प्रदोष का महत्व

प्रदोष का महत्व प्रदोष मुख्य रूप से हिंदू धर्म में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के लिए समर्पित एक अत्यंत शुभ समय और व्रत है।शाब्दिक अर्थ में ‘प्रदोष’ का मतलब शाम का समय (सूर्यास्त का समय) होता है, जब दिन और रात आपस में मिलते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जहाँ जीवन के […]
योगिनी एकादशी व्रत

योगिनी एकादशी व्रत योगिनी एकादशी व्रत में जो लोग निराहार यानी भूखे नहीं रह पाते हैं, वे एक समय फलाहार कर सकते हैं, इसके साथ ही दूध और फलों का रस भी पी सकते हैं। जो लोग एकादशी व्रत नहीं कर पा रहे हैं, वे इस दिन भगवान विष्णु की विधिवत पूजा कर सकते हैं, […]
जगन्नाथजी के महाप्रसाद की कथा

एक दिन नारदमुनि कैलाश पर्वत पर शिवजी के दर्शन करने पहुँचे और उन्होंने श्रीकृष्ण एवं उद्धवजी के बीच की वार्तालाप कर वर्णन उनके समक्ष किया। इस प्रसंग में उद्धव जी भगवान के महाप्रसाद की महिमा गान करते हुए कहते हैं–‘हे भगवन! आपकी महाप्रसादी माला, सुगन्धित तेल, वस्त्रों और आभूषणों और आपके उच्छिष्ठ भोजन को स्वीकार […]
श्री स्वामी समर्थ तारक मंत्र

निशंक होई रे मना, निर्भय होई रे मना।प्रचंड स्वामीबळ पाठीशी, नित्य आहे रे मना। अतर्क्य अवधूत हे स्मर्तुगामी, अशक्य ही शक्य करतील स्वामी ॥१॥ जिथे स्वामीचरण तिथे न्यून काय, स्वये भक्त प्रारब्ध घडवी ही माय।आज्ञेविना काळही ना नेई त्याला, परलोकीही ना भीती तयाला,अशक्य ही शक्य करतील स्वामी ॥२॥ उगाची भितोसी भय हे पळू दे, […]
वट पूर्णिमा का धार्मिक महत्व ?

जगन्नाथजी के महाप्रसाद की कथा एक दिन नारदमुनि कैलाश पर्वत पर शिवजी के दर्शन करने पहुँचे और उन्होंने श्रीकृष्ण एवं उद्धवजी के बीच की वार्तालाप कर वर्णन उनके समक्ष किया। इस प्रसंग में उद्धव जी भगवान के महाप्रसाद की महिमा गान करते हुए कहते हैं–‘हे भगवन! आपकी महाप्रसादी माला, सुगन्धित तेल, वस्त्रों और आभूषणों और […]
मनुष्य जन्म का उद्देश्य क्या है?

मनुष्य जन्म का उद्देश्य क्या है? मनुष्य जन्म बड़ी मुश्किल से मिला है… ये जो गलियों में आवारा जानवर घूम रहे हैं… इन्हें भी कभी मनुष्य जन्म मिला था।इनमें से कोई डॉक्टर था,कोई इंजीनियर, कोई IAS- IPS और कोई ……. इनके गुरु भी इन्हें भगवान का भजन, जप, कीर्तन करने को कहते थे। तब यह […]